ये है ' luck by chance " फ़िल्म का एक गाना जो शायद नए साल में मेरे लिए आशा की किरण लेकर आया है. शंकर- एहसान-लोय और जावेद अक्थर को मैं धन्यवाद करना चाहती हूँ इसके लिए. गाने के बोल कुछ ऐसे हैं...
बगिया-बगिया बालक भागे,तितली फिर भी हाथ ना लागे!
इस पगले को कौन बताये,
ढूँढ रहा है जो तू जग मैं,कोई जो पाये तो मनन में ही पाये!
सपनों से भरे नैना, तो नींद है न चैना!
ऐसी डगर कोई अगर अपनाए,
हर राह के वो अंत पे रास्ता ही पाये!
धूप का रास्ता जो पैर लगाये,
मोड़ तो आए छाँव भी आए,
राही जो चलता है चलता ही जाए,
कोई नही है जो कहीं उसे समझाए!
सपनों से भरे नैना,
तो नींद है ना चैना!
दूर ही से सागर जिसे हर कोई माने,
पानी है या वो रेत है ये कौन जाने,
जैसे के दिन से रैन अलग हैं,
सुख है अलग और चैन अलग है,
पर जो ये देखे वो नैना अलग हैं,
चैन है तो अपना सुख है पराया!
सपनों से भरे नैना,
तो नींद है न चैना.........................
Thursday, January 22, 2009
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6 comments:
ये गीत कुछ दिनों से रेडिओ पर आ रहा था और जँच भी रहा था। बोल यहाँ देने के लिए धन्यवाद
बहुत खूब....मुझे एक ओर ऐसा ही गाना बेहद पसंद है.....रॉक ओन का "फ़िर देखिये .....आँखों में जिसकी कोई ख्वाब है....."
उसमे भी यही संदेश है.
वाह.. तुम्हारे औरकुट में और जीटॉक स्टेटस में हमेशा यह कैप्सन देखता था.. कभी पूछा नहीं इसके बारे में..
अच्छा हुआ जो तुमने खुद ही बता दिया..
और हां, चुहिया वाला फोटो मिल गया.. :)
thanks manhish ji...
haan maine suna hai anurag ji ye gaana.. achcha lagta hai mujhe
haan ji bhaiyya
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